चंडीगढ़ : सीआरपीएफ मुख्यालय में पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि

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चंडीगढ़ (पुनीत सैनी)। सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सिस (सीएपीएफ) एसोसिएशन (उत्तर भारत) चंडीगढ़ के सभी सेवानिवृत्त अधिकारियों, सीआरपीएफ के सेवारत वरिष्ठ अधिकारियों एवं जवानों ने पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए 40 सीआरपीएफ जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

सेवानिवृत्त अधिकारी संघ ने पंजाब सहित सभी राज्यों में अर्द्ध सैनिक कल्याण बोर्ड की स्थापना की मांग उठायी। इस बात पर भी प्रकाश डाला गया कि अर्द्ध सैनिक बलों के जवानों को सेना के जवानों की तरह शहीद का दर्जा मिलना चाहिए।

दिसंबर 2018 तक अर्द्ध-सैन्य बलों के 32,097 कर्मियों की ड्युटी करते हुए मृत्यु हो गयी, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा उन्हें शहीद का दर्जा नहीं दिया गया। शहीद का दर्जा दिये जाने की मांग को तीव्र करने के लिए, 24 फरवरी को नई दिल्ली के जंतर मंतर पर सेवानिवृत्त पैरा-मिलिटरी कर्मियों द्वारा अधिकार रैली का आयोजन किया जायेगा।

केजेएस चीमा, आईजी (सेवानिवृत्त) बीएसएफ एवं चेयरमैन, सीएपीएफ रिटायर्ड ऑफिसर्स एसोसिएशन (उत्तर भारत) ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी।

अमरजीत सिंह सिद्धू, आईजी (सेवानिवृत्त) सीआरपीएफ एवं प्रेसीडेंट, सीएपीएफ रिटायर्ड ऑफिसर्स एसोसिएशन (उत्तर भारत) ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि ‘सीएपीएफ के जवानों के साथ बहुत अन्याय और भेदभाव जारी है, जबकि वे भी देश के विभिन्न राज्यों में अशांत और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सेवारत हैं। उन्हें शहीद का दर्जा देने से इनकार किया जाता है। इस प्रकार, मृत जवानों के परिवारों को कोई लाभ नहीं मिल पाता है।’

श्री सिद्धू ने जोर देकर कहा कि सीएपीएफ के जवानों को भी शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए, जो अपना कर्तव्य निभाते हुए प्राण न्यौछावर कर देते हैं। इसके अलावा, जिन अन्य मांगों को भारत सरकार द्वारा पूरा किया जाना चाहिए, उनमें प्रमुख हैं- सेना के जवानों के लिए एमएसपी की तर्ज पर सीएपीएफ हेतु विशेष वेतन की मंजूरी, 2004 के बाद से पेंशन का पुन: प्रावधान, सीएसडी तर्ज पर केंद्रीय पुलिस कैंटीन से खरीदे गए सामान पर जीएसटी में छूट और वन रैंक वन पेंशन का प्रावधान, जैसा कि सेना के मामले में पहले से ही है।

‘पुलवामा में हमारे मृत सैनिकों को केंद्र सरकार द्वारा 35 लाख रुपये (रिस्क फंड एवं केंद्रीय कल्याण निधि सहित कुल 50 लाख रुपये) दिए जा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार ने 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया, वहीं पंजाब ने 12 लाख रुपये प्रति सैनिक, राजस्थान ने 30 लाख रुपये और मध्य प्रदेश ने 1 करोड़ रुपये दिए। सभी राज्यों द्वारा मृतक के परिवारों को समान राशि का भुगतान करना चाहिए,’ उन्होंने कहा।

देश भर मे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों व उनके आश्रितों की संख्या लगभग 10 से 12 लाख है। इनमें से लगभग एक लाख पंजाब में हैं और सीएपीएफ के कुल 10 लाख कर्मी सेवारत हैं, जिनमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) तथा सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) शामिल हैं।

यहां तक कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलवामा आतंकवादी हमले में मारे गये 40 जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें ‘शहीद ‘ के रूप में संबोधित किया।

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