ऊँचाइयाँ कद नहीं देखा करती : कोरियोग्राफर स्माइली

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चंडीगढ़, राधाजी न्यूज़, (यू सी न्यूज़)  इंटरव्यू (पुनीत सैनी)। दुनिया के हर देश में नृत्य कला अनगिनत स्तर पर है । जूनून ऐसा भी है कि माइकल जैक्सन के जाने के बाद आज भी ‘द वर्ल्ड डांस आइकॉन’ के नाम से हर डांस शख्शियत के जहन में हमेशा वे जिन्दा है और अपने हिंदुस्तान की बात करें तो ऐसे ही आज हम अपने हिंदुस्तान में नृत्य कला के अस्तित्व की चर्चा एक ऐसी ही शख्शियत के द्वारा करवाना चाहते हैं जिनका परिचय शुरुआत में यु देना चाहेंगे कि इंसान में जिगर कुछ कर दिखाने का होना चाहिए ‘ऊँचाइयाँ कद नहीं देखा करती’ जी आज हम बात कर रहे हैं जम्मू की जानी मानी मशहूर डांस कोरियोग्राफर स्माइली तनूजा चहर जिनकी प्रेरणा कोई और नहीं बल्कि वे खुद बनी यूसी न्यूज़ को दिए अपने इंटरव्यू में स्माइली तनूजा चहर ने अपनी जिन्दगी में करियर को प्राथमिकता दी। उन्होंने भारत के हर नौजवान के लिए अपने साक्षात्कार में वो बाते कहीं कि इन बातों को पढने वाला हर भारतीय युवा खुद में एक कला को ढूँढकर तराशेगा जरुर व  कड़ी मेहनत व हिम्मत से अपना मुकाम जरुर हासिल करेगा।

बचपन की वो घटना जिसने डांस का जूनून पैदा किया। स्माइली ने हमे बतया कि जब वे तीसरी कक्षा में थी उस समय स्कूल के वार्षिक महोत्सव में नृत्य अभ्यास के दौरान उन्हें एक अध्यापिका ने डांस अच्छे से न करने कारण उन बच्चों के साथ खड़ा कर दिया गया जो नृत्य अच्छे से नहीं कर पा रहे थे। तब स्माइली के दिल दिमाग में ये बात आ चुकी थी कि उन्हें नृत्यकला को खुद से ऐसे जोड़ना है कि उनकी पहचान भविष्य में एक डांस फेम से हो। तब स्माइली ने कक्षा चौथी में अगले वार्षिक महोत्सव में मंच पर अपने नन्हे क़दमों से आये हुए सभी दर्शकों के सामने ऐसी नृत्य प्रदर्शन किया कि तालियों की शोर  ने इशारा कर दिया कि अब कुछ भी असम्भव नहीं है और स्माइली ने अपने भविष्य के लिए डांस को ही अपने जहन में उतार लिया और ठानी कि वे नृत्य करने का शौंक रखने वाले में नृत्य कला को तराशेंगी।

माता पिता ने कभी बेटे से कम नहीं समझा । स्माइली के पिता जी जो कि भारतीय सेना में सेवान्वित रहे और इनकी माता जी ने घर की जिम्मेवारियां सम्भाली, स्माइली दो बहनें है। स्माइली बताती हैं कि पुराने समय में जागरूकता की कमी के कारण माता पिता बस अपनी बेटियों को चार दिवारी में ही बंद रखते थे, लेकिन उस समय भी स्माइली के माता पिता ने उन्हें कभी बेटे से कम नहीं समझा और उन्हें हर बार डांस के लिए सहयोग दिया। देश के किसी भी कोने में नृत्य प्रतिस्पर्धा में भाग लेने भेजा। स्माइली का कहना है कि माता पिता की अहमियत उनकी जिन्दगी में सबसे ज्यादा हैं और आज के हर नौजवान को अपने माता पिता को समर्पित रहना चाहिए। फ़िलहाल स्माइली अपने माता पिता के साथ जम्मू में रहती हैं और वहां डांसफिट स्माइली जोन के नाम से अकैडमी चलाती हैं। इनका ज्यादातर समय दिल्ली मुंबई चंडीगढ़ पंजाब में इवेंट्स व फिल्म एल्बम व अन्य आयोजनों में कोरियोग्राफी के लिए बीतता है। आपको बता दें कि देश की जानी मानी डांसर राखी सावंत को भी स्माइली मुंबई में कोरियोग्राफ कर चुकी हैं।

भिन्न-भिन्न प्रतिभाओं की धनी हैं स्माइली। स्माइली बूयाका डांस फिटनेस पिलाटेस से 2015-16 प्रमाणित है और देश की जानी मानी नृत्य कला केंद्र से इन्होने शिक्षा ली है, जिसमे इन्होने डांस के साथ मॉडलिंग एक्टिंग भी सीखी। स्माइली ने बताया वे एरोबिक्स व योग ट्रेनर भी हैं और नृत्य में इनकी अनगिनत उपलब्धियां जिनमे मुख्य हैं: बेस्ट डांसर ऑफ़ जम्मू एंड कश्मीर 2014 , यंग वीमेन अचीवर 2015, बेस्ट जम्मू आर्टिस्ट 2016 -17, बेस्ट कोरियोग्राफर 2015-16-17

एक लडकी होने के नाते स्माइली का समाज के लिए सन्देश। स्माइली ने कहा कि अब समय बदल चूका है और माता पिता की सोच में बदलाव आने के कारण वे अपनी बेटियों को पूरा सहयोग दे रहे हैं कि वे आगे बढ़े और बेटियों को भी माता पिता के संस्कारों को अटूट विश्वास के साथ आगे से बढ़ाना चाहिए।

 

 

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