दिल्ली पटियाला हाउस कोर्ट ने 2011 के टेरर फंडिंग मामले में तीन को दोषी करार दिया।

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राधाजी न्यूज़। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने 2011 के आतंकवादी फंडिंग मामले में चार में से तीन लोगों को दोषी ठहराया है और उन्हें पहले से ही अवधि के लिए सजा सुनाई है।

जिला न्यायाधीश पूनम बांम्बा ने सोमवार को मोहम्मद सादिक गिनाई, गुलाम जेलानी लिलू और फारूक अहमद दगगा को दोषी ठहराया, जिन्होंने गैरकानूनी गतिविधियों व अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया था।
तीनों ने कथित रूप से जम्मू-कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) आतंकवादी संगठन को फण्ड जुटाने के लिए एक हवाला (अवैध धन हस्तांतरण) रैकेट चलाया था।

2011 में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने घाटी में आतंकवादी गतिविधियों को फंडिंग करने के लिए तीन वर्षों के भीतर हवाला चैनलों के माध्यम से पाकिस्तान से 4.57 करोड़ रुपये से अधिक फण्ड इकट्ठा करने के लिए तीनों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।

इसके बाद, इस साल अप्रैल में एनआईए ने आईज़सी की धारा 120-बी के तहत हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के बेटे सैयद शाहिद यूसुफ और गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) के 13, 17, 18, 20, 21, 38 और 40 के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। अधिनियम, 1967, जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ‘आतंकवादी धन’ एकत्रित करने, आतंकवाद की आय धारण करने, प्राप्त करने, प्राप्त करने, प्राप्त करने के लिए अधिनियम, 1967।

इसके अलावा, 31 मई को दिल्ली उच्च न्यायालय ने मामले में शाहिद यूसुफ द्वारा दायर की गई जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

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