पोल्लीवुड ग्लैमर क्वीन पूनम सूद अपनी कमाई का आधा हिस्सा अनाथ बच्चों पर करती हैं खर्च।

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चंडीगढ़, राधाजी न्यूज़, पुनीत सैनी। ग्लैमर के रंग अनेक हैं जो इस दुनिया में एक बार आता है उस शख्स की जिन्दगी में ये अनेक रंग यूँ दिखाई पड़ते है मानो बूंदों के बाद नीले गगन में इन्द्रधनुष। भारत में ऐसे जाने माने चेहरे जिन्होंने ने फिल्मी दुनियां में नाम पैसा और शोहरत कमाया है। कोई कलाकार ऐसे परिवार में पैदा हुआ जिसके खून में कलाकारी थी और किसी को बनाने में किसी न किसी का हाथ रहा। ये दुनिया जितनी दूर से देखने में खूबसूरत चेहरों की तरह हसीं हैं उतना ही इसे गहराई से समझना नामुमकिन भी है। आज भी हम एक ऐसी ही अदाकारा से आपको परिचित करवा रहें हैं। जिसका न इस ग्लैमर की दुनिया में कोई गॉड फादर रहा, न ही किसी ऐसे परिवार से सम्बन्ध रखती हैं जो ग्लैमर की दुनिया से सम्बन्ध रखता हो। जी हाँ आज हम बात कर रहे हैं अमृतसर के माध्यम वर्गीय परिवार में जन्मी पंजाब की हसीनाओं में शुमार, पंजाब फिल्म इंडस्ट्री का जाना माना नाम 28 वर्षीय पूनम सूद।

पहली बार पूनम की आँखे उस वक़्त नम थी जब 6 वर्ष की पूनम के पिता का देहांत हुआ। उसके बाद पूनम व इनके 3 भाई बहिन उनकी सबकी परवरिश का जिम्मा उनकी माता जी के सर पर आ गया।  उनकी माता जी ने चारों बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल अध्यापिका से लेकर घर पर सिलाई मशीन तक का काम भी किया। अपनी माँ की मेहनत को हमेशा दिल की निगाहों से देखती रही पूनम और पूनम ने एक सपना देखा कि वह भी एक दिन ऐसा मुकाम हासिल करेगी जिससे उनकी माँ गर्वित हो। आगे नीचे पढ़ें

नर्सिंग जॉब व भांगड़ा कोरियोग्राफर से कैसे बनी मशहूर कलाकार : पूनम ने राधाजी न्यूज़ को दिए अपने इंटरव्यू में बताया कि पिता के देहांत के बाद अमृतसर से उनका परिवार लुधियाना आकर रहने लगा। जहाँ उनकी व उनके भाई व बहनों की शिक्षा हुई। पूनम को बचपन से पंजाब की शान भंगड़ा व गिद्दा से लगाव रहा। पूनम ने उच्च शिक्षा के बाद नर्सिंग की और एक  प्राइवेट जॉब करने के साथ-साथ एक अच्छी भंगड़ा कोरियोग्राफर होने के नाते पूनम एल्बम में काम करने वाले कलाकारों, कॉलेज व स्कूल के विद्यार्थियों को पार्ट टाइम भंगड़ा सिखाती थी। इसे गुड लक कहें या पूनम की लग्न साल 2008 में पंजाब की जानी मानी प्रसिद्ध गायिका मिस पूजा के कॉलेज गाने के लिए पूनम कलाकारों को भांगड़ा सिखा रही थी। उसी दौरान एल्बम निर्देशक मंदीप जगराओं की नज़र पूनम पर पड़ी और उन्होंने पूनम को मिस पूजा के उस मशहूर गाने में लीड रोल के लिए पेशकश कर दी और मिस पूजा के उस गाने से ही पूनम ने पंजाब फिल्मी इंडस्ट्री में कदम रखा और उसके बाद पूनम ने एक से एक नई पंजाबी एल्बम व फिल्म को साइन किया और जिसमे इनके हिट गाने रहे ‘यारा वे यारा वे’, कर्मजीत अनमोल द्वारा, ‘छल्ला’ कलर कंठ द्वारा, ‘स्पीकर’ रोशन प्रिंस द्वारा, ‘दिल दा हाल’ राय जुझार द्वारा’ के एस माखन, गुरविंदर मान, जी दीप, प्रमोद व शान द्वारा गाये मशूहर गानों में किरदार निभाया। आगे नीचे पढ़ें

मॉडलिंग व एक्टिंग से शोहरत हासिल की : खूबसूरत व स्लिम दिखने वाली पूनम को अंतराष्ट्रीय कपड़ा मार्किट का मशूहर ब्रांड ‘जारा’ ने उन्हें लेडी सूट के लिए चुना, इसके बाद ‘रेबेका’, ‘मम’, ‘वेदास’, ‘फ्लोरिस्ट’, और ‘ब्लू बबल’, को पूनम ने ब्रांड अम्बेस्डर साइन किया।

उसके बाद पूनम ने एक्टिंग में अपना कमाल दिखाते हुए पंजाबी फिल्म ‘मेरे यार कमीने’ से शुरुआत की और बॉलीवुड में इनकी पहली फिल्म ‘हम हैं तीन खुराफाती’  पंजाबी मशहूर फिल्म ‘यार अन्मुल्ले2’ ‘लकीरा’ सभी में पूनम एक मुख्य किरदार में नज़र आई। पूनम की आने वाली फ़िल्में ‘आज दे लफंगे’, ‘सोच दी थिंकिंग’, ‘चमकीला दी लीजेंड’, व हिंदी मूवी ‘दी ट्रू बेड स्टोरी’ इत्यादि।

पूनम की समाज के प्रति सोच व उनके संस्कार : पूनम का मानना है कि आज समाज में लड़कियों के लिए राह बहुत ही मुश्किल होती जा रही है। उसके लिए हमारे समाज की सोच भी बहुत हद तक जिम्मेदार है। लड़कियों के माता पिता को अपनी बेटियों के सपनों को साकार करने में पूर्ण सहयोग देना चाहिए। एक दोस्त बनकर उन्हें समझना चाहिए। सही रास्ते में देर जरुर लग सकती हैं लेकिन आत्मसमान बना रहता है। जो एक नारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। पूनम ने हमे बताया कि वे अब तक 4 बच्चों को गोद ले चुकी हैं और उन अनाथ बच्चों की परवरिश पर पूनम की कमाई का आधा हिस्सा व्यय होता है।

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