सरदार कुलबीर सिंह कलसी ने फिल्म पलटन में हर्षवर्धन राणे के पिता की भूमिका निभा कर दिल जीता।

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राधाजी न्यूज़। पलटन भारत और तिब्बत के बीच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण गलियारा – नाथू ला पास में भारत और चीन के बीच नियंत्रण की वास्तविक रेखा पर सच्ची घटनाओं पर आधारित है। यह भारतीय सेना के राजपूत बटालियन से बहादुरों की कहानी है, जिन्होंने 1965 में चीनी के खिलाफ अपने समकक्ष उत्साहित रक्षा की।
पलटन फिल्म के निर्माता ज्योति प्रकाश दत्ता को भारत के राष्ट्रपति से अपने सुपर हिट ‘बॉर्डर’ फिल्म के लिए  ‘राष्ट्रीय एकीकरण पर सर्वश्रेष्ठ फ़ीचर फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार’ सम्मान मिला है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के राष्ट्रीय स्तर के कारण, इसे अमेरिकी अकादमी पुरस्कारों के बराबर माना जाता है। रक्षा मंत्रालय उन्हें अपनी युद्ध फिल्मों के लिए पूर्ण समर्थन देता है।
फोटोजर्नलिस्ट कुलबीर सिंह कलसी ने फिल्म और मीडिया में अपने जुनून के बारे में बताया कि वास्तव में दोनों व्यवसाय समाज में एक ही भूमिका निभाते हैं। तीन दशक का अनुभव एक फोटोग्राफर कैमरे के पीछे से अच्छी तरह जानता है की उसे कैमरे के आगे से किया दृश्य चाहिए।  उसी लगन में  कैमरे के सामने आ कर प्रसिद्ध गीतकारो के वीडिओ एल्बम में कलसी ने पंजाबी गीतों, टीवी विज्ञापन और कई फिल्मो में मुखिया भूमिका अदा कर चुके है।
कुलबीर सिंह कलसी की आगे आने वाली फिल्मों में कवि राज़ जो की एक पुरस्कार विजेता अभिनेता, निर्माता, लेखक और निर्देशक हैं उनकी आगे आने वाली ग़दर मूवमेंट पर फिल्म “करतार सिंह सराभा”, डायरेक्टर केवल सिंह, प्रोडूसर संजय बाली की मूवी  ‘दिल होना चाहिदा जवान’ और हैरी भट्टी द्वारा निर्देशित ‘आटे दी चिड़ी’ है ।
कुलबीर सिंह कलसी प्राथमिकता सामाजिक विषय, दो देशो में प्रेम की भावना बढ़ाने वाली फिल्मो में काम करने के इच्छुक है, अपने जीवन में कामयाबी का सेहरा अपने  मीडिया बिरादरी व् नाटकशाला क्षेत्र को देते है।

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