परमपूज्य सुदीक्षा जी ने संत निरंकारी मिशन के आध्यात्मिक प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली।

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चण्डीगढ, राधाजी न्यूज़, (पुनीत सैनी)। निरंकारी सद्गुरु माता सविन्दर हरदेव जी महाराज के आदेश व आशीर्वाद से उनकी सुपुत्री परम पूज्य सुदीक्षा जी को आज दिल्ली में संत निरंकारी मिशन का निरंकारी सद्गुरु और आध्यात्मिक प्रमुख एक विशेष कार्यक्रम में औपचारिक रूप से घोषित किया गया। यह जानकारी चण्डीगढ के जोनल इंचार्ज श्री के0 के0 कश्यप जी ने दी उन्होने बताया की ट्राईसिटी से भी सैकंडो महात्मा इस अवसर पर पहुंचे थे।

सद्गुरु माता सविन्दर हरदेव जी महाराज के आगमन पर उनके निजी सचिव संदीप गुलाटी जी ने निरंकारी भक्तों की ओर से एक फूलों का गुलदस्ता भेंटकर स्वागत किया। तदोपरांत, सद्गुरु माता जी ने सुदीक्षा जी के मस्तक पर तिलक लगाया, सद्गुरु के पवित्र आसन पर बिठाया और निरंकारी सद्गुरु की आध्यात्मिक शक्तियों का प्रतीक, श्वेत दुपट्टा एक भक्त की सहायता से पहनाया।

इसके उपरान्त, श्री गोबिन्द सिंह जी प्रधान, संत निंरकारी मंडल, श्री खेमराज चड्ढा जी, चेयरमैन केन्द्रीय योजना व सलाहकार बोर्ड, श्री वी. डी. नागपाल जी, मंडल के महा सचिव तथा प्रचार व प्रबंध के साथ जुडे़ अन्य वरिष्ठ संतों तथा गुरु परिवार के सदस्यों ने समस्त निरंकारी परिवार की ओर से सद्गुरु सुदीक्षा जी को फूलमालाएं पहनाकर उनका स्वागत् किया।

प्रस्तुत श्रद्धालु भक्तों को अपना आशीर्वाद प्रदान करत हुए, सद्गुरु माता सविन्दर हरदेव जी महाराज ने कहा कि ऐसा बहुत कुछ बाकी है जो बाबा हरदेव जी महाराज करना चाहते थे और हम नहीं कर पाये। ऐसी प्रार्थना है कि अब आप सभी सुदीक्षा जी के मार्ग दर्शन में उन कार्यों को पूरा कर पायें।

निरंकारी सद्गुरु की जिम्मेदारियों को संभालने के बाद, अपने प्रथम प्रवचन में सद्गुरु सुदीक्षा जी ने कहा कि उनमें कोई ऐसे गुण तो नहीं हैं परंतु उन्होंने इस जिम्मेदारी को स्वीकार किया है क्योंकि यह सद्गुरु से आशीर्वाद के रुप में आई है। उन्होंने प्रत्येक भक्त से सहयोग करने तथा अपना आशीर्वाद देने की कामना की। उन्होंने आगे कहा कि जैसे बाबा हरदेव जी महाराज ने कहा, वह भी साध संगत को अपने सिर का ताज मानती हैं।

समारोह में भक्ति मय गीतों, विचारों तथा कविताओं के पश्चात् सद्गुरु सुदीक्षा जी ने पुनः अपनी जिम्मेदारियों का ेनिभान के लिये सभी से आशीर्वादों की कामना की और कहा कि हमें अपना प्रथम कदम सही उठाना होगा ताकि सद्गुरु द्वारा दिये गये कार्याें को पूरा कर पायें।

समारोह में केन्द्रीय योजना तथा सलाहाकार बोर्ड के सदस्यों, कार्यकारणी समिति के सदस्यों, सेवादल अधिकारियों तथा कई जोनल इंचार्जों एवं दिल्ली, गेटर दिल्ली तथा अन्य राज्यों से आये हुए हज़ारों श्रद्धालु भक्तों ने भाग लिया।

परम पूज्य सुदीक्षा जी का जन्म 13 मार्च, 1985 को दिल्ली में हुआ और उन्होंने साईकॉलोजी में आनर्स के साथ ग्रेजुयेशन तक शिक्षा प्राप्त की है। दिसम्बर 2016 से संत निरंकारी मंडल के विदेश विभाग के इंचार्ज के रूपमें 60 से अधिक देशों में मिशन की गतिविधियों का मार्गदर्शन करती आ रही हैं।

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