सन्त निरंकारी मिशन द्वारा बनाई गई रोशन मीनार आकृति गिनीज़ बुक में हुई दर्ज

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चंडीगढ़, (पुनीत सैनी)। सन्त निरंकारी मिशन के 18,770 श्रद्धालु भक्तों द्वारा बनाई गई रोशन-मीनार की सबसे बड़ी मानव आकृति को गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्डस में दर्ज कर लिया गया है। मिशन को यह सूचना गिनीज़ बुक की रिकार्ड मेनेजमेंट टीम द्वारा भेजी गई ई-मेल से प्राप्त हुई है जिसमें कहा गया है कि –’’हमें यह सूचित करते हुए अति प्रसन्नता हो रही है कि आपके द्वारा सबसे बड़ी रोशन मीनार की मानव आकृति का आवेदन सफल रहा है और अब आप गिनीज़ वर्ल्ड रिकार्ड होल्डर बन गये हैं। अतः आपको गिनीज़ वर्ल्ड रिकार्ड का प्रमाण पत्र भी दिया जा रहा है।’’

चण्डीगढ सन्त निरंकारी मण्डल के मीडिया सहायक ने बताया कि यह जानकारी श्रीमति राजकुमारी जी मैम्बर इंचार्ज सन्त निरंकारी मण्डल पै्रस एण्ड पब्लिसिटी दिल्ली ने प्रैस विज्ञप्ति द्वारा दी ।
यह वर्ल्ड रिकार्ड कार्यक्रम 17 नवम्बर, 2018 को सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की दिव्य उपस्थिति में सन्त निरंकारी आध्यात्मिक स्थल, जी.टी.रोड, समालखा में आयोजित किया गया था।इसे मिशन के पूर्व सद्गुरु माता सविंदर हरदेव जी महाराज को समर्पित किया गयाजो यह चाहते थे कि प्रत्येक निरंकारी भक्त एक प्रकाश स्तम्भ बने और ईश्वरीय ज्ञान के उजाले को विश्व के कोने-कोने तक फैलाये।

इस रोशन मीनार की मानव आकृति में भाग लेने के लिये निरंकारी भक्त देश भर से आये थे। उनकी आयु 18 से 65 वर्ष निर्धारित की गई थी। कुछ भक्तों ने दूर देशों से आकर भी भाग लिया। इन सभी का पंजीकरण पहले ही कर लिया गया था। कुल मिलाकर लगभग 25,000 भक्तों ने अपना नाम दर्ज कराया था।
इस मानव आकृति में भाग लेने वाले सभी सदस्य प्रातः 7.00 बजे से ही एकत्रित हो गए। प्रत्येक सदस्य को प्रबंधकों की ओर से भिन्न-भिन्न रंगों की पोशाक दी गई जो उसके स्थान के अनुसार निर्धारित की गई थी। इस मानव आकृति में कुल 5 रंग थे और यह पोशाक हर सदस्य के लिए अपने पहले से पहने हुए वस्त्रों के ऊपर पहनने के लिए थी। इस मानव आकृति को बनाने के लिए लगभग 5 घण्टे का समय लगा।

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