ये दस बातें आपको डिप्रेशन से बहार निकाल देंगी।

0
639

पुनीत सैनी। डिप्रेशन आज वर्तमान समय में किसी भी व्यक्ति को होना आम बात है। किसी भी छोटी से छोटी और बड़ी बात को लेकर कोई भी व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार हो जाता है। आज के समय लोग इसे गंभीर बीमारी मानते हैं। किन्तु यह एक आम बात है। चिकित्सा विज्ञान के पास इसके इलाज़ के लिए केवल दवाइयों का प्रावधान ही है। किन्तु शोध कर्ताओं की टीम इस पर अध्यन कर चुकी है कि डिप्रेशन कि दवाइयां जानलेवा है। किन्तु आज आपको बताते हैं कि डिप्रेशन कोई बड़ी बिमारी नहीं है। यह सिर्फ आपके दिमाग की नकारात्मक सोच है। जो किसी भी साधारण बात को गहराई से सोचने पर बड़ी बना देती है और आप दिन भर उसे सोचते रहते हैं।

एक पल के लिए आप डिप्रेशन शब्द को भूल जाए, उसे हिंदी में याद करें कि इसे हिंदी में अवसाद भी कहते हैं जो कि हमारे गलत खान पान से भी कभी कभी हमें हो जाता है। यदि हम अपने खान-पान को सही रखें तो व्यक्ति अवसाद का शिकार नहीं होगा। क्यूंकि जितना आप तली चीज़े बहार की चीज़े खायेंगे वे आपके पेट में जाते ही गैस बनाएंगी और वह गैस आपके शारीर से बहार यदि सही स्थान से बहार नहीं निकलती तो उस गैस का रिसाव आपके दिमाग में शुरू हो जाता है जिस से हमारा दिमाग जो सोच रहा होता है उसे गहराई से सोचना शुरू कर देता है व उसे चिंता का विषय बना देता है फिर उस चिंता में डूबने लगता है और जब वह डॉक्टर के पास जाता है तो डॉक्टर इस समस्या को डिप्रेशन बताते है।

दोस्तों ध्यान दें हमारी किसी भी समस्या का हल सोचने से चिंता में डूबे रहने से कभी नहीं निकलता। समस्या का हल तो क्रियाशील रहने से ही निकलेगा आइये हम आपको डिप्रेशन से बहार निकलने के लिए कुछ सुझाव देते हैं।

1 यदि आप डिप्रेशन का शिकार हैं तो सबसे पहले अंग्रेजी दवाइयां खाना छोड़ दें।

2 योग, आसन व व्यायाम सुबह शाम करें।

3 रात को सोने से पहले ब्रह्म कुमारी शिवानी दीदी, सध्गुरु, ओशो, संदीप महेश्वरी की बातों को सुनें और सुबह उठने के तुरंत बाद इन महानपुरुषों के शुद्ध विचारों को सुनें।

4 ध्यान जिसे मैडिटेशन के नाम से जाना जाता है इसे सही विधि में किया जाए उसके लिए आप एक जगह चुनें और समय चुने।

5 रोज़ सुबह नहाने के बाद अपने अराध्य इश्वर की भक्ति में पूजा पाठ करें ठीक वैसे ही शाम को ऑफिस से आने के बाद पूजा जरुर करें।

6. स्वस्थ रहने के लिए सुबह खाली पेट अलोवेरा जूस व सेब का सेवन जरुर करें व अधिक से अधिक पानी पिए।

7. खुद को अपने दफ्तरी कार्य में व्यस्त रखें, जब भी आप के मन में कोई पुरानी बात आये तो आप खुद से एक बात कहें मैं वर्तमान में जी रहा हूँ और अब मैं खुश हूँ और अब कोई भी बात मेरे मन को अशांत नहीं करेगी।

8. दिन दुखियों की सेवा में थोडा समय व्यतीत करें इस से आपका मन सेवा भाव में खुश रहेगा।

9. हर दिन खुद के बारे में सोचने की बजाय समाज कल्याण के बारे में सोचे, डिप्रेशन में तो आप खुद को ही समय दे रहे थे लेकिन अब आपको समाज को समय देना है।

10 स्मार्ट फोन को कम से कम इस्तेमाल करें, व्हाट्सएप, फेसबुक अन्य सोशल साइट्स पर सिर्फ प्रेरणादायक विचारों को लें बाकि को डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं।

दोस्तों यदि आपको हमारा यह लेख पसंद आया हो तो कृपया इसे अधिक से अधिक मित्रों व साथियों को शेयर करें व कमेंट में बताये आपको कैसा लगा व लाइक करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

20 + ten =